हमारा ब्रह्मांड



"हमारा ब्रह्मांड"

आओ चलो, चले कहीं दूर, 
ब्रह्मांड के उस पार, 
आधी रात को, 
लॉन्ग ड्राइव पर,
आँखों में लिए मीठा सा सपना, 
सड़कें सो चुकी हैं, 
शहर थम चुका है, 
पर हमारे प्यार का सफर 
तो अभी अभी शुरू हुआ है।
तुम ड्राइव कर रहे हो, 
मैं खिड़की से चिपकी हूँ। 
रेडियो पर कोई पुराना
गाना बज रहा है, 
पर हमें सुनाई दे रही है,
बस एक-दूसरे की सांसे।

वैसे तो आज ब्रह्मांड में,
हमारी नज़र जहां तक जाए,
वहां तक बस अंधेरा ही अंधेरा है, 
मगर फिर भी दिलं की
नज़र से देखा जाए, तो
दूर से उस चाँद की धीमी-धीमी
रोशनी हमारे चेहरे पर पड़ रही है, 
और उसी वक़्त, 
 मैंने खुली आँखों से देखा - एक सपना,
 तारों के बीच, जगमगाते सितारों की छांव में,
 हम और तुम और ये ब्रह्मांड, 
 साथ में तारों की बारात, 
जैसे लेकर आई है, बहुत सी खुशियाँ।

तुम्हारी हँसी से शुरू होता है मेरा सवेरा, 
तुम्हारी खामोशी में ढलती है मेरी शाम।
तुम्हारी आँखें - मेरे दो आकाश,
जहाँ रोज़ नए तारे जन्म लेते हैं। 
तुम्हारे नाम से धड़कता है मेरा दिल, 
तुम्हारी सांसों से चलती हैं मेरी धड़कनें।

आज दिल कहता है, 
ना धरती चाहिए, ना चाँद चाहिए,
मुझे तो बस जिंदगी भर के
लिये तुम्हारा साथ चाहिए।
बस तुम्हारे सीने से लगकर सो जाऊँ,
जहाँ तुम्हारी धड़कन मेरी लोरी बन जाए।
 हम दो जिस्म नहीं, एक ब्रह्मांड हैं - 
जहाँ हर दर्द अपना ग्रह है, 
हर खुशी अपना सूरज 
और 
हमारे बीच की खामोशी... 
जिसमें सारी कायनात समा जाए।

गाड़ी रुक गई है,
तुमने इंजन बंद कर दिया,
बाहर झींगुर बोल रहे हैं,
 तुमने मेरा हाथ पकड़ा।  
_"देखो,"_ तुम बोले, _
"ये वाला तारा सबसे Bright है,
 इसका नाम इशिका रख दें?"_  
मैं हँस पड़ी। _"तो उसके बगल वाला अभिषेक?" 

हम दोनों साथ में हँस दिए, क्योंकि हमें पता है -  
असली ब्रह्मांड वो नहीं जो NASA दिखाता है। 
असली ब्रह्मांड वो है, 
जहाँ हम और तुम दोनों साथ है 
और 
जहां हम और तुम है, 
वहीं तो हमारा
असली ब्रह्मांड है।

तुम हो तो मैं हूँ। हम हैं तो यह ब्रह्मांड है।  
बाकी सब स्पेस है, खाली।
    
     Bela...





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