नए साल की नई सोच
तो दोस्तों, दिवाली के इस पावन पर्व पे हम एक दूसरे को सिर्फ दिवाली की बधाई ही नहीं, बल्कि आज से शुरू हो रहे इस नए साल में, आओ चलो साथ मिल के, एक दूसरे को, बधाई के साथ-साथ एक दूसरे से ये वादा करे, की "अब से हम एकदूसरे को खुश रखने की कोशिश करेंगे, घर में सब मिलजुलकर रहेंगे, एक दूसरे का दिल कभी नहीं दुखाएँगे, किसी को बुरा बोलेंगे नहीं, किसी के बारे में बुरा सोचेंगे नहीं, छोटी-छोटी बात पे सब के साथ झगड़ा करेंगे नहीं, किसी को ख़ुशी ना दे सके तो कोई बात नहीं, मगर किसी की आँखों में आँसू नहीं आने देंगे। इस खूबसूरत सी ज़िंदगी के लिए अपनों का और भगवान का शुक्रिया करेंगे, कभी किसी से किसी बात के लिए फ़रियाद नहीं करेंगे। जो है, जैसा भी है, उसी में खुश रहेंगे, दूसरों की तरक्की देख जलेंगे नहीं, अपनों से बड़ो का मान-सम्मान करेंगे, और अपनों से छोटी उम्र के बच्चो के साथ प्यार भरा बर्ताव करेंगे, बच्चों के साथ बच्चे बने रहेंगे, सब की गलतियों को माफ़ करके, सब को नए साल की शुभकामनाएँ देंगे और सब के साथ प्यार से रहेंगे। हमारे घर पे कभी कोई गरीब आ जाए, तो उसे कुछ ना कुछ ज़रूर देंगे, हमारे से जितना भी बन सके उतना हम गरीबो की मदद करेंगे, शायद उसी वक़्त भगवान किस रूप में आकर हमारा इम्तिहान लेले, हमें क्या पता !" इसलिए दोस्तों, आओ चलो, आज मिल के हम सब ये वादा करे।
जिस तरह दीपक खुद जलकर चारों और रोशनी देता है, उसी दीपक की तरह हम भी सब के जीवन में से अँधेरा दूर कर रोशनी का दीपक जलाए, आओ चलो, साथ मिल के, इस नए साल से, कुछ नया सोचे, कुछ नया करे।
Bela...
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