खाली हाथ
इस दुनिया में,
कुछ भी साथ नहीं जाना,
सब यहीं रह जाना है।
जो आज तेरा है,
वह कल किसी और का हो जाना है।
रिश्ते-नाते, प्यार-वफ़ा,
सब यहीं रह जाना है।
रोते हुए आया था,
एक दिन सबको रुलाकर चला जाना है।
चिता की अग्नि में जलकर,
राख बन गंगा में बह जाना है।
क्या लेकर आया था,
क्या लेकर जाना है?
जब अंत में सब यहीं छूट जाना है,
तो फिर क्यों उम्रभर
"तेरा-मेरा" करते रहना है।
इस दुनिया में
खाली हाथ आया है,
एक दिन खाली हाथ ही तो जाना है।
Bela...

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