ZIDD

               ज़िद्द 

इसे हमारी ज़िद्द कहो या कुछ ओर 
तेरा  इंतज़ार हमे  क़यामत तक रहेगा,
तुमने हम से भले ही,
प्यार  ना किया  हो, 
मगर हमने  तुम्हें,
दीवानों की तरह चाहा है,








तुम चाहे हम से रूठे  रहो या ना,
तुम चाहे हम से प्यार करो भी या नहीं, 
तुम भले ही मेरे सामने किसी और से प्यार करो,
तुम भले ही चाहे हमको नज़रअंदाज़ करो, 
मेरी ये ज़िद्द कल थी और आज भी है, 
मुझे  तुम से इश्क़ कल भी था, 
मुझे तुम से इश्क़ आज भी है और रहेगा, 


फ़र्क सिर्फ इतना है,
कल तुम मेरे साथ थे, और 
आज तुम किसी ओर के साथ,
फ़िर भी तुम्हारी खैरियत के वास्ते, 
दुवाएँ  तब भी मांगी थी, 
दुवाएँ  आज भी मांगता  हूँ,
मैं तुमसे  तब भी प्यार करता था, 
मैं तुमसे आज भी  प्यार करता हूँ,

वो पतझड़ के मौसम में,
हम दोनों जिस चेयर पे बैठते थे, 
आज भी हम उस चेयर के पास जाके,
उसे देखा करते है, 
और सोचते रहते है, कि 
एक ना एक दिन शायद,
तुम हमें यही मिलने आओगें।

तेरी बाहो में मेरी हर रात बीते,
ऐसा सोचा था मैंने,
बहोत सी खवाइशे थी इस दिल में, 
जो पूरी ना हो पाई, 

खैर, मुझे पता है, 
कि तुम लौट के वापिस नहीं आने वाले, 
मगर
फिर भी ना जाने क्यूँ ? 
ये दिल आज भी तुम को चाहता है,
इस पागल दिल को,
आज भी एक बार फ़िर से,
तुम पे यकीं करने को मन करता है,
की  तुम एक ना एक दिन 
ज़रूर वापिस आओगे, 
आज भी बस यही एक आस लिए,
अपनी साँसे गिन गिन के 
ज़िंदगी जिए जा रहे है, क्यूँकि

हम ने अपने दिल की हर धड़कन पे,
तेरा नाम जो लिख दिया है,
हमारी हर आति जाती साँस के
साथ तेरा नाम जुड़ा हुआ है,
इसे हमारी जिद समझो या कुछ और,
हमें तुम्हारा इंतज़ार कल भी था,
आज भी है और कल भी रहेगा,
जब तक इन साँसों में साँस बाकि रहेंगी,
हमें हमारी आखरी साँस तक,
तुम्हारा इंतज़ार रहेंगा। 

                                                                                          Bela... 
 
                  

                          


 

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