बस अब वो पहले सी बात नहीं रही

बस अब वो पहले-सी बात नहीं रही।

न वो पहले-सी मुस्कान चेहरे पर, 

न वो पहले-सी मासूमियत,

 न वो पहले-सा भोलापन

न पहले जैसी कोई तड़प है,

 न पहले जैसी बेचैनी, 

न आँखों में वो शरारत है, 

न आँखों में वो पहले-सा इंतज़ार।

शायद कुछ तो बदल गया है अंदर… 

बढ़ती उम्र के साथ 

सब कुछ बदलता जा रहा है।

शायद ज़िंदगी ने बहुत कुछ

 सिखा दिया है… या फिर 

वक़्त ने हमें थोड़ा समझदार

 बना दिया है

कभी-कभी आईने में ख़ुद को

देखकर बस यही लगता है

चेहरा आज भी वही है… 

बस, मुस्कुराने की वजहें बदल गई हैं।

बेला✍️

@Kahani_by_bela


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