*मजबूर - Bela* 📜
*मजबूर थे हम, इसलिए ख़ामोश रहे,*
*वरना मोहब्बत में शोर बहुत करते हैं।*
*तुम समझे हमें बेवफ़ा,*
*हम हाल-ए-दिल किसे कहते हैं।*
*मजबूरियाँ पूछती नहीं मर्ज़ी दिल की,*
*वक़्त के आगे सबको झुकना पड़ता है।*
*चाह कर भी रोक ना सके तुम्हें,*
*कभी-कभी हार कर भी मुस्कुराना पड़ता है।*
*तुमने तो बस मेरे जाने को देखा,*
*मेरे रुकने की वजह ना पूछी।*
*मजबूर था मैं, टूट कर भी हँसा,*
*तुमने मेरी आँखों की नमी ना देखी।*
*इल्ज़ाम-ए-बेवफ़ाई सर-आँखों पर,*
*पर सच तो ये है ऐ सनम,*
*तुझे पाने की दुआ के साथ,*
*तुझे खोने की मजबूरी भी लिखी थी क़िस्मत में।*
*स्व-रचित*
*Bela...*
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