About Author Bela Puniwala


बेला पुनीवाला एक ऐसी लेखिका हैं जो आम ज़िंदगी के खास लम्हों को शब्दों में कैद कर लेती हैं। मुंबई में रहनेवाली बेला को रिश्तों की गर्माहट और घर की छोटी-छोटी बातों में कहानियां दिखती हैं।
' मैं कौन हूँ ? ' और ' इम्तिहान' की लेखिका बेला सरल शब्दों में ज़िंदगी के गहरे एहसास बयां करती हैं। उनका मानना है कि सबसे खूबसूरत कहानियां हमारे घरों की चार दिवारी में ही लिखी जाती हैं। 

'कहानी घर घर की, कहानी हर घर की यह उनकी तीसरी किताब है जो हर परिवार के दिल को छुएगी।

लेखन सफर: -' मैं कौन हूँ ?' से शुरुआत करके 'इम्तिहान' तक, बेला पुनीवाला की कलम ने हजारों दिलों को छुआ है। अब 'कहानी घर घर की, कहानी हर घर की किताब के जरिए वह हर घर में बसे जज्बातों को आवाज दे रही हैं और हर घर के दिलों पर राज करेगी।

लेखन शैली: - सरल भाषा, गहरे एहसास। 

विश्वास: "हर घर की अपनी एक कहानी होती है। बस उसे सुनने वाला चाहिए।
नाम - Bela Puniwala
शहर - मुंबई, भारत
विधा - पारिवारिक कहानियां, भावनात्मक लेखन
प्रकाशित पुस्तकें -1. इम्तिहान  2. मैं कौन हूँ?  3. कहानी घर घर की, कहानी हर घर की।
भाषा - हिंदी
पहचान - सरल शब्दों में गहरी बात कहना


लिखने के पीछे मोटो

"मैं लिखती हूँ ताकि भूले-बिसरे रिश्तों को फिर से महसूस किया जा सके।" जो बातें हम कह नहीं सकते वह, हम लिख के अपनों और लोगों तक पहुँचा सके।

"सरल शब्दों में गहरी बात लिखे, जो सब की समझ में आसानी से आ जाए, क्योंकि जिंदगी भी तो ऐसी ही है।"
और "सबसे खूबसूरत कहानियां हमारे घरों में ही लिखी जाती हैं"

"मेरा मोटो है उन कहानियों को आवाज देना जो हमारे घरों की दीवारों में कैद हैं। मां की ममता, पापा की फिक्र, दादी के किस्से - ये सब लिखे जाने चाहिए। क्योंकि जब हम इन्हें पढ़ते हैं, तो अपने घर वापस लौट आते हैं।" 
 
 "रिश्तों को शब्दों में पिरोना ही मेरा काम है।"
 "हर घर में एक लेखक होता है, मैं बस कलम हूं।"


"मैं लिखती हूँ ताकि भूले-बिसरे रिश्तों को फिर से महसूस किया जा सके।"_


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