"कितनी अजीब बात है,
कि
जब हम और तुम साथ थे, तब भी हम ख़ुश नहीं थे और आज जब हम और तुम अलग अलग है, तब भी हम ख़ुश नहीं हैं।"
ये रिश्तों की सबसे बड़ी सच्चाई है। साथ में भी अधूरे, अलग होकर भी अधूरे। कुछ कहानियाँ ऐसी ही होती हैं... जिनका कोई सुखद अंत नहीं होता।
*"कुछ रिश्ते सवाल बनकर रह जाते हैं"* 💔
Comments
Post a Comment